अब ना कोई काम जगत से 

अब ना कोई काम जगत से,

साधक भोला राम भरोसे।

ज्ञानी भगत हरी भजन परोसे,

भोला साधक राम भरोसे।।

*

स्व-स्वरूप अब राम लख़ाना,

राम ही जीना,

राम ही खाना

राम ही जगाना सोना।।

*

राम नाम ही स्वप्न सुषुप्ति।

राम नाम ही सिद्ध समाधि।

श्री राम नाम हर सास समाया।

राम नाम हर स्वर वो गाया।।

*

राम राम राम राम।

राम नाम ही गाना।

राम राम राम राम।

राम नाम ही गाना।

*

राम नाम का नशा जगाया।

भोले भजन त्योहार मनाया।

स्व-स्वरूप सब राम लखाया।

साधक भोला राम समाया।।

*

अब ना कोई काम जगत से।

साधक भोला राम भरोसे।

अब ना कोई काम जगत से।

भोला साधक राम भरोसे।।

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