नाम

मे मरगया बाबा

आदेश

*

मे मर गया, सो तू भी मरेगा

मारनेवाला, मे से मिलेगा

शिव कैलाश, पता कहेगा

अदबुध मैयत उत्सव होगा

*

जय जय जय शंकर नारा, मे से मारा

जय जय जय शंकर न्यारा, मे को मारा

शिव-गुरु तारण हारा, एक सहारा

मे तो हो गया, भगवन प्यारा

मरगया बाबा, नीर अहंकारा

*

मे मर गया बाबा, राम नाम सत्य हे, नित्य हे।

ॐ अघोर आदेश अघोर आनंद भजन, , , ,

चल ना भाई

चल ना भाई तू , समझता क्यों नहीं

– जिधर किधर हे अटका, उधर से निकलता क्यों नहीं

दिल तेरा दुनियासे फिसलता क्यों नहीं

– फक़ीर साधु बोला दिमाग़ में घुसता क्यों नहीं – तेरे

गुंडा गर्दी, दुनिया दारी, तू छोड़ता क्यू नही?

– क्या सही क्या गलत फैसला, तू करता क्यों नहीं

दुनिया में इज्जत से तू रहता क्यों नहीं

– चार शब्द बाते प्यार के तू बोलता क्यों नहीं?

तू जानता कुछ नही, ये तू मानता क्यों नहीं

– इधर उधर कुछ भी नही, अपने भीतर झाको

मन क्या तेरा शांत हे? राडे-लफड़े लाखों

जाग जा साधक

मे मर गया बाबा

राम नाम सत्य हे

अमर अनंत नित्य हे

ॐ अघोर आदेश अघोर आत्म मंथन अघोर आनंद भजन, , , , ,

नाम

नाम सदा में तेरे गाऊ, तेरे गाऊ

सब हे तेरा, में तुम में समाऊँ, में तुम बनजाऊ

*

कौन हू में, गुरु तुमने जगाया, स्वरूप लखाया

क्या हे दुनिया, प्रभु तुमने जताया, स्वरूप लखाया

* 

दूषित मन में, तू अभेद जगाया, परमेश दिखाया

जो भी यहा, तेरी परछाया, तेरी लीला माया

*

आनंद तेरा, सनातन चेतन गीत सुनाया, गीत गवाया

गूंज रहा, एक नाद अनाहत, तेरी साद अनाहत

*

Thy call

Now & forever, be I Sing Thy sweet name. 

All & everything is Yours, be I merge in Thou, I be Thou

*

Who I am…? Master, Thy grace has illuminated The Self 

What is world…? Thy divine light; unfolded the essence of The Being.

*

Striking the non-difference in the impure mind, Thou reveal The Supreme Being

Whatever that is around is but Thy reflection, Thy play, Thy illuminance.

*

Thy bliss, resonated unto me, Thathat eternal aLive song, I sing along

Thathat un-struck sound&silence echoes in me as Thy calling 

अघोर आनंद भजन, ,
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