लाखों सपने इरादे, ना एक हकिकत होवे,
फिर भी तू तकता जावे, फिर भी तू थकता जावे।
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और जब एक भी इच्छा पार हुई, तब दूजी अपना राज चलावे।
ये तो मायाजाल रचा हे, इंद्रधनु मृगजाल गवाह हे,
अजब रसायन बनके मन में, तुमको इसमें खींच रहा हे।
अजब रसायन बनके मन में, तुमको इसमें खींच रहा हे।
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तू भवर में डूबा जावे, अब कोन तुम्हें बतलावे,
और कोन किसे हे बचावे, कोन किसे हे बचावे।
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एक ही साध्य है, एक हे साधन, एक गुरु हे, एक हे भगवन।
साधक खुद ही खुद को जगावे, साधक खुद ही खुद को जगावे।
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साधक भोला राम भरोसे, ले खाली झोला प्यार परोसे
