माँ

माँ जगत तेरा संचार

भोला क्यों हो भला लाचार ।

साधक भूक-प्यास कण तरसे

माता, प्यार से सार परोसे ।

साधक भोला राम भरोसे ॥

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top
0

Subtotal