कल जो मंदिर,
शराब घर नजर आता था
*
आज वो शराब घर,
मंदिर नजर आता हे
*
अब
वो व्यसन
ही
खुद में जीता हे
*
पियक्कड़ भोला
रात दिन पिता हे
~
कृपा हे
कृपा हे
कृपा हे
कल जो मंदिर,
शराब घर नजर आता था
*
आज वो शराब घर,
मंदिर नजर आता हे
*
अब
वो व्यसन
ही
खुद में जीता हे
*
पियक्कड़ भोला
रात दिन पिता हे
~
कृपा हे
कृपा हे
कृपा हे