सत् गुरु युक्ति

जीवन मुक्तछंद, स्वानन्द परिंदा

मे मरगया बाबा, सत् स्वरूप जिंदा

*

मे की नाही, मे से मुक्ति

अनुभवानंद सत् गुरु युक्ति

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