मस्त

विश्व गीत मधुर स्वर गाना ।

सत्संग भजन तू कर रोज़ाना।।

साधन गुरु मंत्र तू हर पल जपना।

हर करम शंभु समर्पित करना।।

*

मुफ़्त का खाना कभी ना खाना।

पर साधक भोले मस्त तू रेहेंना।।

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