सवाल एक ही था
एक ही हे
एक ही रहेगा।
में कौन हूँ?
~ होशियार को जगत में बस एक ही सवाल होता हे।~
साला में हूँ कौन?
जवाब एक ही था
एक ही हे
एक ही रहेगा।
कुछ नहीं। कोई नहीं। कभी नहीं।
सब कुछ। हर कोई। हर कही।
वो भी नहीं, ये भी नहीं।
सब कुछ। कुछ नहीं।
सब {कुछ} नहीं।
सदा स्वस्वरूप
*
{ आदेश }
कुछ बन मत साधक
ना ईश्वर, ना गुरु, ना संत, ना भगवान।
जब तक यह हे
साधक हे।
जब साधो हर पल,
तो साधक।
*
गुरुक्रिपा असीम अपार।
गुरुमाई वात्सल्य चमत्कार।
आत्म चिंतन ही परमेश्वर चिंतन
आत्म ज्ञान ही परमेश्वर ज्ञान
आत्म कृपा ही ईश कृपा
{ गुरु वचन – सत्य वचन }
दो कहा हे? कहा हे दो!?
~
बस चिंतन करना हे, भोले!
