पहिले तो वह बस ही गये हम थे,
जो न हमारा धाम हे।
मद मस्त सयाने खुद को कहकर,
करते जो न हमारा काम हे।
असुरा वृत्ति, बेसुरा वाणी
नारी नशा आराम हे
पहिले तो वह बस ही गये हम थे,
जो न हमारा धाम हे।
मद मस्त सयाने खुद को कहकर,
करते जो न हमारा काम हे।
असुरा वृत्ति, बेसुरा वाणी
नारी नशा आराम हे