साकी

केवल परमार्थ

अभेद भक्ति सावध । साक्षात सत्गुरु सत्संग ।

सृजन नित्य असंग । साधके भजन अभंग ।।

*

विरागी शुद्ध मनन । स्पष्ट स्वरूप चिंतन ।

जीवन मुक्त दर्शन । साधके अघोर साधन ।।

*

अनंत प्रशांत एकांत । सहज संपूर्ण आनन्द ।

शिव स्वरूप उप स्थित । साधके केवल परमार्थ ।।

*

~

साधक विश्व मित्र

अघोर आत्म भान अघोर आनंद भजन,

मस्त

विश्व गीत मधुर स्वर गाना ।

सत्संग भजन तू कर रोज़ाना।।

साधन गुरु मंत्र तू हर पल जपना।

हर करम शंभु समर्पित करना।।

*

मुफ़्त का खाना कभी ना खाना।

पर साधक भोले मस्त तू रेहेंना।।

ॐ अघोर आदेश अघोर आनंद भजन,

बजो!

हम एक साज़ हे, बे सुरे बज रहे हे।

अगर मन में हरी की बाँसुरी सज रही हे,

अगर दिल मे भोले का डमरू बज रहा हे,

तो हम गीत हे, जीवन संगीत हे।

ॐ अघोर आदेश, ,

उद्यमो भैरव:

उद्यमो भैरव:

जग जा साधक ।

पुकार आलख ।

छोड दे दुनियादारी ।

प्रभू भजन की तुरीया न्यारी ।।

विश्व { एवं } मित्र

उद्यमो भैरव:

ॐ अघोर आदेश अघोर आनंद भजन, , , , ,

प्रियक्कड

तेरा प्याला तेरा प्यार

जल गया संसार व्यापार

फिर भी

नशेमे होश बरकरार

ऐसा सब चमत्कार॥

*

हलाहल पी रहा हू

यकिन से मर रहा हू

फिर भी

इस मौत में जान बरकरार

ऐसा सब चमत्कार॥

*

अघोर आत्म मंथन अघोर आनंद भजन,

सनातन

सदा चेतन

सनातन

संत साधन

सनातन

गुरूवचन

सनातन

सामगायन

सनातन

प्रभु भजन

सनातन

संकीर्तन

सनातन

राम शरण

सनातन

स्वरूप चिंतन

सनातन

नाम स्मरण

सनातन

अवधूत मगन

सनातन

हंस गगन

सनातन

सत्य वचन

सनातन

सत्चिदानंदनघन

सनातन

ॐ अघोर आदेश, , ,

ॐ भोले सबके होले

बम बम भोले

सब के होले

सब के बन कर

सब का भला कर

*

बम बम शंकर

सब के अंदर, 

खुद को चेता कर

सब का भला कर

*

जय शंभो शंकर

सत को बया कर

जय जय शंभो शंकर

सब का भला कर

*

शंभो शंकर महादेव

बम भोले नाथ

ॐ भोले

सबके होले

ॐ अघोर आदेश अघोर आनंद भजन, ,

अघोर कृपा

ये संसार, ये घरदार

तेरा दरबार

*

तू राह दिखाया

भजन गवाया

संत नहलाया

*

भोले वो प्यार जताया

भोला सत् गुरु पाया

~

साधक भोला सत् गुरू पाया

भोला साधक आत्म समाया

अघोर आनंद भजन, ,

व्यसन

कल जो मंदिर,

शराब घर नजर आता था

*

आज वो शराब घर,

मंदिर नजर आता हे

*

अब

वो व्यसन

ही

खुद में जीता हे

*

पियक्कड़ भोला

रात दिन पिता हे

~

कृपा हे

कृपा हे

कृपा हे

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रोम रोम ऽ राम राम ऽ आर पार

राऽम राऽम, रोम ऽ रोम, राऽम नाऽम रे।

श्री राम नाम, रोऽम रोऽम, राऽम राऽम रे॰

राऽम राऽम, पूर्ण साऽर, आऽर पाऽर रे।

श्री राम नाम, रोऽम रोऽम, आऽर पाऽर रे॰

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जय माँ

जय माँ अघोरेश्वरी आल्हादिनी स्वतंत्र तारा,

परमेश्वरी, महादेवी, मुक्ता, (त्रिशूला) माता मधुरा

काली, दुर्गा, शक्ति, शांभवी, शिवा परापरा

*

चण्डी, चामुंडा, कपालीका, त्रिशूला (शूरा, वीरांगना)

भगवती, शांकरी, तापसी, जगत जननी

शैलजा, जया, गिरिजा, उज्वला, वंदना

परा अपरा परापरा

तुम ही, सब हो, तुमने ही सवारा

तेरी प्रीत, तेरी एक तुम हो सहारा

तेरी प्रीत, हर गीत, संगीत सतत धारा

चण्डी, महाकाली, भयभीत असुर मारा

जननी, जगत जननी, संसार जगत तारा

~

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