जिये जिये संसार जिये क्या?

अंदर बाहिर कुछ नहीं होना

अंदर बाहिर सही पहचाना

ख़ुशबू सच हे फूल बहना

अंदर सच हे बाहर आइना

अंदर बाहिर एक ही हो जाना

मन मती जीवन माटी होना

खुद की छबी को खुद ही मिटाना

पा के खोना, खो के पाना

एक ही जनम में अनंत मिल जाना

कभी ना भूलो भूलना खुद को

कभी ना जीना खुद का जीना

सब सच संचित समय परे हे

समय समय ना सच को भुलाना

प्रति दिन जीना

प्रति दिन मर जाना

प्रति दिन जगाना

प्रति दिन सो जाना

जिये जिये संसार जिये क्या?

कर बैठे व्यापार रे

~

लाखों शब्द हे

एक हे।।।याद हे??

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