सुख दुःख
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थोडा सुख होना
थोडा दुःख होना
जो भी होना अच्छा होना रे
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में तेरे लिए गाऊ
तेरा बन जाऊ
ऐसी जिंदगानी जीना रे
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ये कैसी कैसी दुनिया
ये क्या हे दुनियादारी
ये कैसे रिश्ते नाते
ये कैसी मारामारी
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सब झूटी झूटी दुनिया, ये झूटी दुनियादारी
सब झुटे रिश्ते नाते, ये कैसी मारामारी
जो सिनेमे कटारी होना रे
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में तेरे लिए गाऊ
तेरा बन जाऊ
ऐसी जिंदगानी जीना रे
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हे झूटी मेरी बाते
झूटे हे इरादे
झूटी मेरी चाहत
और झूटे मेरे सपने
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हे झूटी मेरी बाते, सब झूटे हे इरादे
झूटी मेरी चाहत, और झूटे मेरे सपने
मेरे सपने सच ना होना रे
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में तेरे लिए गाऊ
तेरा बन जाऊ
ऐसी जिंदगानी जीना रे
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ना कोई मेरा अपना
ना कोई हे पराया
तनहाई ने सिखाया
बस तू और तेरा साया
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ना कोई मेरा अपना, ना कोई हे पराया
तनहाई ने सिखाया, बस तू और तेरा साया
अन्धेरोमे साया भी खोनारे
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में तेरे लिए गाऊ
तेरा बन जाऊ
ऐसी जिंदगानी जीना रे
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थोडा सुख होना
थोडा दुःख होना
जो भी होना
अच्छा होना रे
~
॥ विश्वामित्र ॥
कविता संग्रह ‘जाना – बनजाना’
काम जारी हे…
