जय माँ अघोरेश्वरी आल्हादिनी स्वतंत्र तारा,
परमेश्वरी, महादेवी, मुक्ता, (त्रिशूला) माता मधुरा
काली, दुर्गा, शक्ति, शांभवी, शिवा परापरा
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चण्डी, चामुंडा, कपालीका, त्रिशूला (शूरा, वीरांगना)
भगवती, शांकरी, तापसी, जगत जननी
शैलजा, जया, गिरिजा, उज्वला, वंदना
परा अपरा परापरा
तुम ही, सब हो, तुमने ही सवारा
तेरी प्रीत, तेरी एक तुम हो सहारा
तेरी प्रीत, हर गीत, संगीत सतत धारा
चण्डी, महाकाली, भयभीत असुर मारा
जननी, जगत जननी, संसार जगत तारा
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