चल ना भाई तू , समझता क्यों नहीं
– जिधर किधर हे अटका, उधर से निकलता क्यों नहीं
दिल तेरा दुनियासे फिसलता क्यों नहीं
– फक़ीर साधु बोला दिमाग़ में घुसता क्यों नहीं – तेरे
गुंडा गर्दी, दुनिया दारी, तू छोड़ता क्यू नही?
– क्या सही क्या गलत फैसला, तू करता क्यों नहीं
दुनिया में इज्जत से तू रहता क्यों नहीं
– चार शब्द बाते प्यार के तू बोलता क्यों नहीं?
तू जानता कुछ नही, ये तू मानता क्यों नहीं
– इधर उधर कुछ भी नही, अपने भीतर झाको
मन क्या तेरा शांत हे? राडे-लफड़े लाखों
जाग जा साधक
मे मर गया बाबा
राम नाम सत्य हे
अमर अनंत नित्य हे
