उद्यमो भैरव: Leave a Comment / अघोर आत्म मंथन, अघोर आनंद भजन, आकाशविश्ववाणी, जीवनमुक्तछन्द / By admin_being ।।ॐअघोरआदेश।। * जग जा साधक । पुकार आलख । छोड दे दुनियादारी । प्रभू भजन की तुरीया न्यारी ।। विश्व { एवं } मित्र *