सत्य वचन
जो आत जात हे
परमात्म वो नाही।
जो नित्य प्राप्त हे
परमात्म वो सही।।
ॐ
जो आत जात हे
परमात्म वो नाही।
जो नित्य प्राप्त हे
परमात्म वो सही।।
ॐ
*
जग जा साधक ।
पुकार आलख ।
छोड दे दुनियादारी ।
प्रभू भजन की तुरीया न्यारी ।।
विश्व { एवं } मित्र
*
ॐ आनन्दम ॐ सत्चिदानंद ॐ तत् सत्।
*
{ सत् }
परमात्मा शुद्ध चैतन्य
{भगवान-ब्रम्हन-नारायण-परमशिव-राम}
जो कहना कह लो।
*
{ चित }
परमात्मा की अनंत शक्ति
{चितशक्ति-आनंदशक्ति-इच्छाशक्ति-ज्ञानशक्ति-क्रियाशक्ति}
जो कहना कह लो।
*
{आनंद}
शक्ति की अभिव्यक्ति
{स्वातंत्र्य-मुक्ति}
जो कहना कह लो।
~
गुरूवचन सत्यवचन
।। ॐ अघोर आदेश ।।